One Step vs Two Step Challenge कौन सा बेस्ट है The Funded Room पर

One Step vs Two Step Challenge

One Step vs Two Step Challenge आजकल prop trading में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाले मॉडल हैं। अगर आप funded account लेना चाहते हैं, तो सही challenge चुनना बहुत ज़रूरी हो जाता है। One Step challenge तेज़ और सीधा होता है, जबकि Two Step challenge थोड़ा आसान लेकिन समय लेने वाला होता है। इस article में हम दोनों के rules, risk और profit potential को आसान भाषा में समझेंगे, ताकि आप अपने trading style के हिसाब से सही फैसला ले सकें।

One Step vs Two Step Challenge पूरा Comparison

फीचरOne Step EvaluationTwo Step Evaluation
चरण (Phases)1 स्टेज (Single Step)2 स्टेज (Stage 1 + Stage 2)
प्रॉफिट टारगेट10%8% + 5%
डेली लॉस लिमिट3%5%
मैक्स कुल लॉस6%10%
मिनिमम ट्रेडिंग दिन3 दिन5 + 5 दिन
टाइम लिमिटकोई टाइम लिमिट नहींकोई टाइम लिमिट नहीं
फंडेड अकाउंट के बाद टारगेटकोई फिक्स नहींकोई फिक्स नहीं
प्रॉफिट शेयर80% तक80% तक
कठिनाई स्तरमीडियमआसान लेकिन लंबा प्रोसेस
रिस्क कंट्रोलस्ट्रिक्टथोड़ा फ्लेक्सिबल
फंडिंग पाने की स्पीडतेज़धीमी
किसके लिए बेहतरएक्सपीरियंस ट्रेडरबिगिनर ट्रेडर
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One Step vs Two Step Challenge
One Step vs Two Step Challenge

चरण Phases में अंतर क्या है

One Step और Two Step Challenge में सबसे बड़ा फर्क उनके चरण Phases का होता है। One Step Evaluation में सिर्फ एक ही स्टेज होता है, जिसमें ट्रेडर को एक बार में पूरा प्रॉफिट टारगेट पूरा करके पास करना होता है। इसमें रिस्क ज्यादा रहता है लेकिन प्रक्रिया तेज होती है। वहीं Two Step Evaluation में दो स्टेज होते हैं, Stage 1 और Stage 2, जिससे ट्रेडर को धीरे-धीरे consistency दिखाने का मौका मिलता है और पास करना थोड़ा आसान हो जाता है।

प्रॉफिट टारगेट 10% vs 8% + 5%

One Step Challenge में ट्रेडर को सीधे 10% का प्रॉफिट एक ही स्टेज में बनाना होता है, जो थोड़ा मुश्किल और प्रेशर वाला होता है। वहीं Two Step Challenge में टारगेट दो हिस्सों में बंटा होता है पहले 8% और फिर 5%. इससे ट्रेडर को धीरे-धीरे प्रॉफिट बनाने का मौका मिलता है और consistency दिखाना आसान हो जाता है।

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डेली लॉस लिमिट 3% vs 5%

One Step में डेली लॉस लिमिट सिर्फ 3% होती है, इसलिए ट्रेडर को बहुत सावधानी से ट्रेड करना पड़ता है। छोटी गलती भी अकाउंट को खतरे में डाल सकती है। वहीं Two Step में 5% डेली लॉस लिमिट मिलती है, जिससे ट्रेडिंग में थोड़ी ज्यादा flexibility रहती है और ट्रेडर पर कम प्रेशर पड़ता है।

मैक्स कुल लॉस 6% vs 10%

One Step में कुल मैक्स लॉस सिर्फ 6% होता है, इसलिए रिस्क मैनेजमेंट बहुत स्ट्रिक्ट रखना पड़ता है। वहीं Two Step में 10% तक का मैक्स लॉस मिलता है, जिससे ट्रेडर को ज्यादा cushion मिलता है और गलतियों को संभालने का थोड़ा मौका रहता है। इसलिए Two Step comparatively ज्यादा safe माना जाता है।

मिनिमम ट्रेडिंग दिन 3 दिन vs 5 + 5 दिन

One Step में केवल 3 दिन ट्रेडिंग करनी होती है, जिससे जल्दी evaluation पूरा हो सकता है। लेकिन Two Step में पहले 5 दिन और फिर अगले 5 दिन ट्रेड करना जरूरी होता है। इससे ट्रेडर की consistency और discipline दोनों को test किया जाता है और लंबे समय तक stable performance देखी जाती है.

One Step vs Two Step Challenge
One Step vs Two Step Challenge

टाइम लिमिट No Time Limit vs No Time Limit

दोनों ही models में कोई fixed time limit नहीं होती, यानी ट्रेडर अपनी speed से challenge पूरा कर सकता है। One Step में जल्दी पूरा करने का pressure होता है, जबकि Two Step में आराम से planning करके दोनों stages complete किए जा सकते हैं। इससे trading strategy को बेहतर तरीके से follow करने का मौका मिलता है।

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फंडेड अकाउंट के बाद टारगेट No Fixed Target

दोनों ही challenges में funded account मिलने के बाद कोई fixed profit target नहीं दिया जाता। इसका मतलब है कि ट्रेडर अपने हिसाब से market conditions के अनुसार trading कर सकता है। इससे flexibility मिलती है और long-term earning का chance भी बढ़ जाता है।

प्रॉफिट शेयर 80% तक

One Step और Two Step दोनों ही models में ट्रेडर को लगभग 80% तक profit share मिलता है। यानी अगर आप अच्छा performance करते हैं, तो बड़ा हिस्सा आपका होता है। यह model traders को motivated रखता है और उन्हें consistent profits बनाने के लिए encourage करता है।

कठिनाई स्तर Medium vs Easy but Long

One Step को medium difficulty माना जाता है क्योंकि इसमें strict rules और fast target होते हैं। Two Step comparatively आसान होता है लेकिन इसे पूरा करने में समय ज्यादा लगता है। इसलिए यह beginners के लिए थोड़ा comfortable माना जाता है, जबकि One Step experienced traders के लिए better है।

रिस्क कंट्रोल Strict vs Flexible

One Step में risk control बहुत strict होता है, इसलिए हर trade carefully करना पड़ता है. Two Step में थोड़ा flexible risk management मिलता है, जिससे traders को market में survive करने का ज्यादा मौका मिलता है। इस वजह से Two Step को safer option माना जाता है।

फंडिंग पाने की स्पीड Fast vs Slow

One Step में funding जल्दी मिल जाती है क्योंकि सिर्फ एक stage पास करना होता है। वहीं, Two Step में दो stages होने की वजह से समय ज्यादा लगता है। इसलिए जो लोग जल्दी funded account चाहते हैं, उनके लिए One Step बेहतर होता है।

किसके लिए बेहतर Experienced vs Beginners

One Step challenge उन traders के लिए बेहतर है जिनके पास experience है और जो fast results चाहते हैं। वहीं Two Step beginners के लिए ज्यादा suitable है क्योंकि इसमें risk कम और learning time ज्यादा मिलता है। यह consistency build करने में मदद करता है।

FAQs

1. वन स्टेप और टू स्टेप चैलेंज में मुख्य अंतर क्या है?

वन स्टेप चैलेंज में केवल एक ही चरण होता है, जिसमें पूरा लाभ लक्ष्य एक बार में पूरा करना पड़ता है। जबकि टू स्टेप चैलेंज में दो चरण होते हैं, जिनमें पहले और दूसरे चरण में अलग-अलग लाभ लक्ष्य पूरे करने होते हैं। इसी वजह से टू स्टेप थोड़ा आसान लेकिन समय लेने वाला होता है।

2. शुरुआती व्यापारियों के लिए कौन सा चैलेंज बेहतर है?

शुरुआती व्यापारियों के लिए टू स्टेप चैलेंज अधिक उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इसमें जोखिम सीमा थोड़ी अधिक होती है और लक्ष्य दो हिस्सों में बंटा होता है। इससे व्यापार सीखने और स्थिर प्रदर्शन करने का अधिक समय मिलता है।

3. क्या दोनों चैलेंज में लाभ का हिस्सा समान मिलता है?

हाँ, दोनों ही चैलेंज में सफल होने के बाद लगभग अस्सी प्रतिशत तक लाभ का हिस्सा मिलता है। इसका मतलब है कि प्रदर्शन अच्छा होने पर व्यापारी को लाभ का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है, चाहे वह वन स्टेप हो या टू स्टेप।

डिस्क्लेमर:- यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसमें दी गई सभी जानकारी विभिन्न उपलब्ध स्रोतों और नियमों के आधार पर समझाई गई है, लेकिन समय के साथ नियमों, शर्तों और विवरणों में बदलाव हो सकता है। किसी भी व्यापारिक निर्णय से पहले आधिकारिक वेबसाइट से पूरी जानकारी अवश्य जांच लें। यह लेख किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह नहीं देता है और न ही किसी लाभ या हानि की गारंटी प्रदान करता है।